समुद्री लुटेरों से जुड़े दिलचस्प पहलू

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Neha Kaushik

दुनिया के महानतम साहित्यकारों में से एक मार्क ट्वेन ने मिसिसिप्पी नदी से गुजरते हुए सेंट लुईस से न्यू ऑरलियन्स तक पहुंचने का अपना सफर एक यात्रा वृतांत, ‘लाइफ ऑन द मिसिसिप्पी’ के जरिए बताया.

इसमें मार्क टवेन ने समुद्री लुटेरों की जिंदगी जीने के रोमांच और अद्भुत एहसास का जिक्र करते हुए लिखा, ‘उम्मीद है कि अगर हम अपनी जिंदगी अच्छे काम करते हुए बिताएं तो भगवान शायद हमें अगले जन्म में समुद्री लुटेरा बना दे’.

दूसरी तरफ फिल्मों, कविताओं और कहानियों ने समुद्री लुटेरों को लेकर हमारी राय एक सीमित दायरे में बंद कर दी है. या तो हम उन्हें खूंखार और निर्दयी समझते हैं या फिर बहादुर, रोमांच और खतरों से लड़ने वाले जांबाज.

हालांकि, उनसे जुड़ी कई बातें ऐसी हैं जिनसे हम बिल्कुल परिचित नहीं हैं. तो आइए जानें समुद्री लुटेरों से जुड़े कुछ अद्भुत तथ्यों के बारे में- 

समुद्री लुटेरे क्यों पहनते हैं झुमके…

आज आदमियों द्वारा कान में बाली पहनने को स्टाइल स्टेटमेंट के तौर पर देखा जाता है. वहीं दूसरी ओर समुद्री लुटेरों के लिए कान में बाली पहनना महज स्टाइल स्टेटमेंट से कहीं ज्यादा था.

समुद्री लुटेरों में एक विश्वास होता था कि कान में कुछ पहनने से उनकी आंखों की रोशनी तेज हो जाएगी. उन्हें ये वहम था कि कान की बाली या बाली में लगे धातू में कोई दिव्य शक्ति होती है. उनका मानना था कि इस तरह उनकी आँखों की रोशनी तेज हो जाएगी और वह समंदर में दूर-दूर तक देख पाएंगे.

वहीं एक दूसरा मिथक ये भी था कि कान में छेद करवाने से जहाज़ पर सफर करने से होने वाली घबराहट से मुक्ति मिलेगी. कई नए लुटेरों को समंदर में पहली बार जाने में घबराहट होती थी. उसके कारण वह अपना काम नहीं कर पाते थे, इसलिए ही समुद्री लुटेरे उनके कान छेद देते थे.

कान में झुमका या बाली पहनने को लेकर एक ये मान्यता भी थी कि उसे पहनने वाला कभी डूबेगा नहीं. यही कारण थे, जिनके चलते समुद्री लुटेरे अपने कानों मे झुमके या बाली पहनते थे.

Blackbeard (Pic: wikia)

इस कारण ढकी रहती है आँख

ज्यादातर समुद्री लुटेरों की एक आंख ढकी होती थी, जिससे हमें लगता है कि शायद उन्होंने लड़ाई के समय खो दी होगी. जबकि, ऐसा बिल्कुल नहीं था. समुद्री लुटेरे अपनी एक आंख को इसलिए ढकते थे, ताकि वह अंधेरे में भी लड़ाई कर पाए.

दरअसल, समुद्री लुटेरों को लड़ाई के वक्त जहाज के डेक में जाना होता था, जहां काफी अंधेरा रहता था. इसलिए अंधेरे में देख पाने के लिए वे अपनी एक आंख को ढककर उसे अंधेरे में रखकर, उसे अंधेरे के अनुकूल बनाते थे.

Strange Facts & Myths About Pirates (Pic: hiveminer)

समलैंगिकता नहीं था कोई अपराध!

समलैंगिकता जो 21वीं सदी में भी एक अपराध है. वो सदियों पहले भी समुद्री लुटेरों के बीच एक आम बात थी. हालांकि, बाकि दुनिया के लिए ये इतना सामान्य नहीं था. समुद्री लुटेरे काफी समय तक समंदर मे अपनी जिंदगी बिताते थे.

असल में उनके पास कोई साथी नहीं होता था, जिसके साथ वह शारीरिक संबंध बना सके. इस कारण वह अपनी शारीरिक जरूरतों के लिए समलैंगिकता को अपना लेते थे. फ्रांस ने तो अपने लुटेरों को समलैंगिकता अपनाने से बचाने के लिए जहाजों में वेश्याओं को भेजना तक शुरू कर दिया था.

असली खतरे का रंग लाल!

अक्सर हम जहाजों पर लगे काले रंग के झंडे को खतरे का संदेश समझते हैं, लेकिन समुद्री लुटेरों की दुनिया में काले रंग की बजाए लाल रंग खतरे के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

18वीं सदी में जहाज पर काला झंडा आमतौर पर इस्तेमाल किया जाता था. यदि किसी नाव पर लाल झंडा होता तो इसका मतलब था कि वो किसी पर रहम नहीं करेंगे और सबको मार डालेंगे.

लाल झंडे का मतलब था कि वह लुटेरे करो या मरो की स्थिति वाले हैं. उनका एक ही लक्ष्य है लूट करना. उसके लिए वह सामने आने वाली किसी भी मुसीबत से निपटने को तैयार थे.

इतना ही नहीं सामने आने वाली रुकावट को वह सच में ख़त्म कर देते थे. सामने कोई कितना ही बड़ा आदमी क्यों न हो वह उसे लूटने के लिए मार देते थे. यही वजह होती थी कि लुटेरे अपने जहाजों पर लाल झंडा लगाते थे, ताकि सामने वाले को एक मौका मिल जाए अपनी जान बचाने का.

Strange Facts & Myths About Pirates (Pic: clipart-library)

बीमारियों से बचने के लिए पीते थे रहस्यमयी पेय

समुद्री लुटेरों के बारे में माना जाता है कि वो लंबे सफर पर खुद को बीमारियों से बचाने के लिए एक रहस्यमयी पेय का इस्तेमाल करते थे. माना जाता है कि अंग्रेजी नाविक रम में पानी मिलाकर एक पेय पदार्थ बनाते थे, जिसे ग्रग कहा जाता था.

इससे वो समुद्र का पानी पीने से बचते थे. न सिर्फ पानी बल्कि समुद्री लुटेरे रम के साथ निम्बू पानी और चीनी भी मिला लेते थे. इससे वो स्कर्वी रोग से खुद को बचाते थे.

उनके मुताबिक इस पेय के कुछ घूँट शराब के पांच कप जितनी असरदार थी.

Strange Facts & Myths About Pirates (Pic: howstuffworks)

दुश्मनों को डराने के लिए अजीब दाढ़ी!

आपको सुनने में भले ही यह अजीब लगें, लेकिन समुद्री लुटेरे अपने दुश्मनों को डराने के लिए अजीब तरह की दाढ़ी रखते थे. माना जाता है कि दुनिया के मशहूर समुद्री लुटेरे एडवर्ड ब्लैकबियर्ड ने अपनी लंबी दाढ़ी में मोमबत्तियां और कुछ फ्यूज रख दिए थे. दुश्मन से लड़ने से पहले ही वह उन्हें जला दिया करता था. उसके बाद उसकी दाढ़ी के पीछे से बहुत सारा धुंआ निकलता था.

यही धुंआ एडवर्ड को बहुत ही खतरनाक दिखाता था. लोगों को वह किसी शैतान की तरह दिखाई देता था. इसकी वजह से ही कोई भी उससे लड़ने से डरता था.

धीरे-धीरे एडवर्ड को देखकर बाकी लुटेरे भी इस तरीके को अपनाने लगे थे.

Edward Teach (Pic: bestsoldiershop)

नियमों के पक्के होते हैं समुद्री लुटेरे

समुद्री लुटरों की छवि के चलते ये मानना थोड़ा मुश्किल है कि उनके भी कुछ नियम और कानून होते हैं, लेकिन ये सच है.

चाहे कोई फैसला लेना हो या लूटे हुए माल को बांटना हो. समुद्री लुटेरे उनमें नियमों का पालन करते थे. विवाद को सुलझाने के लिए भी वह लोकतांत्रिक तरीकों का इस्तेमाल करते थे.

यहां तक कि जहाज के सदस्यों को चोट पहुंचने पर या उनके जख्मी होने पर उन्हें मुआवजा तक दिया जाता था. इसके साथ जख्मी हुए और पुराने समुद्री लुटेरों को अकेले नहीं छोड़ा जाता था. उन्हें युद्ध में कमांडर या परामर्शदाताओं के तौर पर रखा जाता था.

कुल मिलाकर यूँ तो देखने में समुद्री लुटेरे नियमों का उल्लंघन करने वाले दिखाई देते थे, मगर असल में वह नियमों पर ही चलते थे.

समुद्री लुटेरों का भी होता था स्वास्थ्य बीमा

हमने शायद ही कभी कल्पना की होगी की कई सौ साल पहले समुद्री लुटेरों को भी स्वास्थ बीमा की समझ होगी. जिस समय हमें किसी भी तरह के बीमा के बारे में नहीं पता था, उस समय ये लोग स्वास्थ्य बीमा जैसी सेवाओं का उपयोग कर रहे थे.

एक नामी समुद्री लुटेरे कैप्टन मॉर्गन ने एक आचार संहिता लिखी थी, जिसमें समुद्री लुटेरों के लिए स्वास्थ्य बीमा भी शामिल था.

चूंकि समंदर में बहुत समय तक रहने से लुटेरों की ताबियत ख़राब हो जाया करती थी. इसके कारण ही कई लोग इस काम से वापस चले जाते थे. इसलिए लुटेरों ने उनका बीमा करने का मन बनाया.जल्द ही बीमा पॉलसी बना दी गई, जिसके बाद से हर कोई बिना डरे समंदर में अपनी जिंदगी जीने लगा.

Captain Jack Sparrow (Pic: mwctoys)

देखा आपने हम समुद्री लुटेरों को जैसा सोचते थे वह उससे कितना अलग निकले. ऐसा कहा जा सकता है कि वह अपने समय से काफी आगे की सोचते थे.

उनकी सोच बाकी लोगों से अलग थी. यही कारण था कि एक समय में समुद्री लुटेरा बनना पेशा बन गया था. आपको समुद्री लुटेरों के बारे में जानकर कैसे लगा कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं.

Web Title: Strange Facts & Myths About Pirates, Hindi Article

Featured Image Credit: wikia

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